आठवे भाव मे राहु
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आठवे भाव मे राहु

इस ब्लॉग मे हम जानेगे की आठवे भाव मे राहु जातक को क्या परेशानिया देता है या कितना शुभ फल देता है |

आइए सबसे पहले समझते हैं कि जन्म कुंडली का आठवां घर क्या दर्शाता है: यह घर मूल निवासी की दीर्घायु, मृत्यु, बाधाओं, अचानकता, अप्रत्याशित लाभ या हानि, उत्तराधिकार, छिपी प्रतिभा, असाध्य रोग, बाहरी जननांग और मानसिक पीड़ा का प्रतिनिधित्व करता है।

जन्म कुंडली के आठवे भाव मे राहु:

जन्म कुंडली में राहु की यह स्थिति अच्छी नहीं है।

विवाहित जीवन: जन्म कुंडली के आठवे भाव मे राहु के कारण ऐसे जातकों का विवाहित जीवन प्रतिकूल रूप से प्रभावित होता है । राहु की यह स्थिति दांपत्य जीवन के लिए भी बहुत अशुभ है। ऐसे जातक के साथ ससुराल के साथ अच्छे संबंध नहीं होंगे और जब भी उनसे मिलें, उनके साथ गर्म बहस करें। महिला जातक की जन्म कुंडली में, अष्टम भाव पर किसी भी नकारात्मक ग्रह की दृष्टि नहीं होनी चाहिए और न केवल आठवें घर से, बल्कि चंद्रमा से आठवें घर में भी कोई नकारात्मक ग्रह की दृष्टि नहीं होनी चाहिए। यदि मंगल भी स्त्री जन्म कुंडली के आठवें घर में राहु के साथ है तो ऐसे जातकों को विधवा के जीवन का सामना करना पड़ेगा। लेकिन अगर बृहस्पति लाभकारी घर से अष्टम भाव को देखता है तो इसका नकारात्मक प्रभाव कम हो जाएगा।

स्वास्थ्य: इस तरह के जातक बवासीर, स्त्रीरोग संबंधी समस्याओं, अंडकोष की समस्याओं और अचानक मृत्यु जैसी समस्याओं का सामना करते हैं। यदि राहु को शुक्र के साथ रखा जाए तो ऐसा जातक को दुर्घटना का सामना करना पड़ सकता है और ऐसा व्यक्ति राहु और शुक्र के कारण एचआईवी से पीड़ित हो सकता है।

यदि अष्टम भाव मे राहु के साथ मंगल भी है तो ऐसा जातक किसी की हत्या भी कर सकता है अथवा अपने वाह्न से किसी की मौत का कारण भी बन सकता है । यदि सप्तम का स्वामी अष्टम भाव में हो या सप्तम भाव में मौजूद अष्टम भाव का स्वामी हो तो ऐसे जातक को भोजन विष का सामना करना पड़ सकता है और अपने जीवनकाल में शल्यचिकित्सा का सामना करना चाहिए। ऐसे जातक बिना किसी कारण और फर्जी मुकदमों के कारण अदालती मामलों में पैसा खर्च कर सकते हैं।

करियर: दशम भाव का स्वामी होने पर अष्टम भाव में राहु का स्थान शेयर बाजार में अचानक लाभ दिला सकता है। इस तरह के जातक उत्कृष्ट जासूस, काले जादूगर, ज्योतिषी, अन्वेषक, शोधकर्ता, वैज्ञानिक बन जाते हैं यदि बृहस्पति के आकांक्षी हों।

जन्म कुंडली के आठवें घर में राहु के उपाय:

  1. ऐसे जातक को किसी भी परिस्थिति में किसी को धोखा नहीं देना चाहिए।
  2. ऐसे भक्तों को ससुराल से रिश्ता बहुत साफ रखना चाहिए
  3. ऐसे जातकों को माता दुर्गा की पूजा करनी चाहिए।
  4. ऐसे जातक को अपनी जेब में चांदी का टुकड़ा रखना चाहिए।
  5. तकिये के नीचे सौंफ रखनी चाहिए।
  6. ऐसे जातक को महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए,
  7. ऐसे जातक को कुंभ विवाह करना चाहिए

Sachin Sharmaa,
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